बाइबिल में भगवान का प्रमाण
वास्तव में भगवान एक है। परंतु उसकी पहचान करवाना आज के इस युग में बहुत ही मुश्किल हो रहा है। क्योंकि आध्यात्मिकता की तरफ मनुष्यों का झुकाव अत्यंत कम है। इसलिए हम मन मुताबिक भगवान प्राप्ति के लिए जो जैसा कह दे वैसा करने लग जाते हैं। सभी पवित्र धर्मों के पवित्र ग्रंथों में प्रमाण के तौर पर एक भगवान की तरफ इशारा किया गया है। जिसकी भक्ति साधना अत्यंत सरल है। और उसे पहचानना बिल्कुल आसान है।
बाइबिल में भी प्रमाण है कि वह एक परमात्मा कौन है? जो हमारे सभी दुखों का नाश कर हमें सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष दिला सकता है।
पवित्र बाईबल में प्रभु मानव सदृश साकार का प्रमाण
पवित्र बाइबल के उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1:20 - 2:5 पर यह प्रमाण है कि मनुष्य के समान वह परमात्मा दिखता है..! अर्थात साकार है। मानव सदृश्य है। उसे विभिन्न धर्म के मौलवियों और ईसाइयों द्वारा निराकार कहा जाना गलत है।
पवित्र बाइबल में भगवान ने मनुष्य को शाकाहारी बनने के लिए कहा है परमात्मा ने कहा है कि (उत्पति ग्रंथ अध्याय 1:29) सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं। और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं। वे सब मैं ने तुम को दिए हैं। वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं। अर्थात मनुष्य को सिर्फ शाकाहारी भोजन खाने के लिए कहा है।
उत्पत्ति ग्रंथ अध्याय 1:30 - और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगने वाले जन्तु हैं। जिन में जीवन के प्राण हैं। उन सब के खाने के लिये मैंने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं।
उत्पति विषय में लिखा है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। इससे सिद्ध है कि प्रभु भी मनुष्य जैसे शरीर युक्त है तथा छः दिन में सृष्टी रचना करके सातवें दिन तख्त पर जा विराजा।
पवित्र बाइबिल अय्यूब 36: 5 (और्थोडौक्स यहूदी बाइबल - OJB) के अनुसार परमात्मा
परमेश्वर कबीर (शक्तिशाली) है। किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता है।परमेश्वर कबीर (समरथ) है और विवेकपूर्ण है।बाइबल ने भी स्पष्ट किया है की प्रभु का नाम कबीर है।
अनुवाद कर्ताओ नें कबीर की जगह शक्तिशाली व सामर्थ वाला लिख दिया है। वास्तव में परमात्मा का नाम कबीर है। वेदो में, भगवद गीता में, श्री गुरु ग्रंथ साहिब में और कुरान शरीफ में भी परमात्मा का नाम कबीर है।
पवित्र बाइबल में यह प्रमाणित हो चुका है कि पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर है। ईसा मसीह जी पूर्ण परमेश्वर नहीं है। ईशा जी को तो पूर्ण परमात्मा सतलोक से आकर मिले तथा उन्हें सत्य ज्ञान से परिचित करवाया। और मरते समय तक वे उस पर अडिग रहे। और संघर्ष किया। वास्तव में पूर्ण परमात्मा तो कबीर साहेब हैं। और जैसा कि हम जानते हैं कि परमात्मा कभी किसी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते है। जबकि ईसा मसीह जी तो मां के गर्भ से जन्म लिया था।
जिस तरह से ईसा मसीह जी ने परमात्मा के दिए हुए उस ज्ञान पर अडिग रहकर सत्य के लिए संघर्ष किया था। उसी तरह आज संत रामपाल जी महाराज जो वास्तव में कबीर परमेश्वर जी द्वारा बताई सत्य भक्ति साधना से संपूर्ण विश्व को अवगत करा रहे हैं। और उनका घोर विरोध किया जा रहा है। परंतु वे अपने मार्ग पर अडिग हैं। और आज उनके लाखों शिष्य हैं। परमेश्वर कबीर साहेब की असीम कृपा से संत रामपाल जी महाराज के सभी शिष्य सत्य भक्ति साधना करके मोक्ष के पूर्ण हकदार हैं।
आप भी पहचान या उस पूर्ण परमात्मा को देखिए साधना टीवी चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक
और देखिए ईश्वर टीवी चैनल शाम 8:30 से 9:30 तक








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